Saturday, 4 July 2015

अरमान अभी बाकी हैं।

दिल में अरमान बहुत बाकी हैं,
सपनों की उङान अभी बाकी हैं।
अब शुरू किया मैंने मेरा कारवान,
भीड़ में पहचान बनाना अभी बाकी हैं।


छोड़कर अपने सपने हजार,
सम्भाला अपना घर संसार,
उन अधूरे सपनो को,
देना आकार अभी बाकी हैं।


पंख फहरा दिए अब मैंने, 
कर रहीं हुं उड़ान की शुरूआत।
आसमान छूने चल पडी,
आसमान पाना अभी बाकी हैं।


कहते हैं हर किसी को मुकम्मल जहाँ नही मिलता, 
पर बिना उङे आसमान नहीं मिलता।
हैं यें मेरी उडान का अागाज,
एक मुकम्मल अंजाम अभी बाकी हैं।


                                             
                              योगिता अमित जोशी


                                       

4 comments:

  1. Awesome post ..:D .. work hard and your all dreams will surely come true one day :)

    ~Prashant Singh

    ReplyDelete
  2. wow.. really feeling very exciting for you & may your dreams come true...
    God is there to shower all his blessings. Keep it up dear.....

    ReplyDelete
    Replies
    1. Thanks Sweetheart. Ur support n love is always needed

      Delete
  3. जज्बा हो तो सफलता अवश्य मिलेगी. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.

    ReplyDelete